आंतरिक शांति का स्रोत

जब तक हम संसार से शांति की आशा रखेंगे, निराशा ही मिलेगी। वास्तविक शांति केवल परमात्मा के चिंतन और आत्मसंयम से ही प्राप्त हो सकती है। प्रतिदिन कुछ समय मौन रहकर जप करना मन की चंचलता को दूर करने की सबसे सरल औषधि है।