1. सामान्य सूचनात्मक एवं आध्यात्मिक उद्देश्य
BhaktiMania पर प्रकाशित सभी लेख, व्रत कथाएं, धार्मिक विधि-विधान, मंत्र, और दार्शनिक विचार केवल सामान्य सूचनात्मक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक स्वाध्याय के उद्देश्य से प्रस्तुत किए जाते हैं।
हमारा उद्देश्य पाठकों को सनातन परंपरा, भारतीय संस्कृति, और ईश्वर भक्ति से जोड़ना है।
2. पेशेवर सलाह का विकल्प नहीं (Not Professional Advice)
BhaktiMania पर उपलब्ध किसी भी सामग्री को किसी भी परिस्थिति में चिकित्सीय (Medical), कानूनी (Legal), अथवा वित्तीय (Financial) पेशेवर सलाह के रूप में न माना जाए।
शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं, उपवास/व्रत के दौरान आहार संबंधी निर्णय, अथवा किसी भी गंभीर व्यक्तिगत निर्णय के लिए कृपया सदैव संबंधित योग्य चिकित्सक अथवा पेशेवर विशेषज्ञ से व्यक्तिगत परामर्श लें।
3. धार्मिक ग्रंथों एवं परंपराओं में विविधता
सनातन धर्म के इतिहास में अनेक पुराण, संहिताएं, टीकाएं और क्षेत्रीय परंपराएं विद्यमान हैं। किसी कथा, तिथि गणना (पंचांग भेद) अथवा धार्मिक अनुष्ठान की विधि में विभिन्न विद्वानों, संप्रदायों या पंचांगों के अनुसार अंतर हो सकता है।
पाठकों से अनुरोध है कि वे अपने कुल-परंपरा, स्थानीय पंचांग और अपने गुरुजनों के मार्गदर्शन को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
4. संतों, गुरुओं एवं संस्थाओं का कोई आधिकारिक प्रतिनिधित्व नहीं
BhaktiMania किसी भी पूज्य संत (जैसे पूज्य प्रेमानंद जी महाराज, स्वामी विवेकानंद आदि), तीर्थ क्षेत्र (वृंदावन, काशी, अयोध्या आदि), मंदिर ट्रस्ट, अथवा धार्मिक संगठन का आधिकारिक प्रतिनिधि अथवा अधिकृत मुखपत्र नहीं है।
संतों के उपदेश एवं उद्धरण सार्वजनिक रूप से उपलब्ध व्याख्यानों एवं प्रवचनों के आधार पर श्रद्धालुओं के कल्याण हेतु श्रद्धापूर्वक संकलित किए जाते हैं। आधिकारिक सूचनाओं अथवा दीक्षा-नियमों हेतु पाठकों को सीधे संबंधित आश्रम अथवा आधिकारिक ट्रस्ट से संपर्क करना चाहिए।
5. उद्धरणों एवं संदर्भों की पुष्टि
हम सामग्री की सत्यता और प्रामाणिकता के प्रति अत्यंत सजग रहते हैं। फिर भी, यदि किसी पाठक को किसी उद्धरण, श्लोक अथवा अनुवाद में कोई त्रुटि प्रतीत होती है, तो वे हमारे संपर्क पृष्ठ के माध्यम से हमें सूचित कर सकते हैं ताकि त्वरित समीक्षा व सुधार किया जा सके।