भगवान श्री कृष्ण: पूर्ण पुरुषोत्तम का जीवन

कारागार में जन्म से लेकर कुरुक्षेत्र के रणक्षेत्र तक, श्री कृष्ण के जीवन में पग-पग पर संघर्ष थे। परंतु उनके मुख की मनमोहक मुस्कान कभी लुप्त नहीं हुई। यह हमें सिखाता है कि परिस्थितियां चाहे जैसी भी हों, मन का संतुलन नहीं खोना चाहिए।